WELCOME TO SHRI NEEB KARORI BABA ASHRAM, RAIWALA,
Haridwar-Rishikesh Road District Dehradun (Uttrakhand)
About ASHRAM
We welcome you to come and experience the divine atmosphere of the SHRI NEEB KARORI BABA ASHRAM, RAIWALA. See for yourself what spiritual living means, and return inspired to lead a sattvik life and experience divinity in your home. Details on how to reach SHRI NEEB KARORI BABA ASHRAM, RAIWALA can be found in the concluding section of this page.
To ensure a seamless visit, we request you to inform us of your arrival via email or phone in advance.
To foster a world where people recognize their inner divinity and live in peace, transcending differences of caste, creed, or nationality.
To live in a polution free and devine atmosphere to strengthen "BHAKTI" on Gurudev / GOD.
Charity & Donation
Parent Education
Sankirtan & Bhandara
Ashram Development
Activities
हनुमानजी को भगवान शिव का 11वां अवतार माना जाता है, जो असीम शक्ति और भगवान राम के प्रति सर्वोच्च भक्ति का प्रतीक हैं। भक्त इस दिन व्रत रखकर और विशेष पूजा कर अपने जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, रोग और विपत्तियों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं। हनुमान जी की पूजा से भक्तों में साहस, आत्मविश्वास और चुनौतियों से लड़ने की शक्ति का संचार होता है। यह दिन नैतिकता और निस्वार्थ सेवा के गुणों को अपनाकर जीवन में सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। इस पावन अवसर पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करने से विशेष फल मिलता है।
गुरु पूर्णिमा का अर्थ है अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण प्रकट करना। यह पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो गुरु के ज्ञान, मार्गदर्शन और अज्ञान के अंधकार को दूर करने के लिए समर्पित है।
इस दिन आश्रम में श्री गुरूदेव भगवान बाबा नीब करौरी जी महाराज के श्री चरणों में वन्दन एवं पूजन का उत्सव , प्रसाद वितरण एवं भण्डारा ।
वसंत पंचमी का त्योहार शरद ऋतु के समापन तथा बसंत ऋतु के आगमन के आरंभ के परिवर्तनकाल का सूचक है। मकर संक्रांति (14 अथवा 15 जनवरी), के पश्चात् सूर्य देवता मकर रेखा से उत्तर की ओर अपनी यात्रा आरंभ करते हैं तो धीरे धीरे सर्दी कम होने तथा मौसम में उष्णता आने लगती है। मौसम में होने वाले इस सुखद परिवर्तन से बसंत ऋतु का आगमन होने लगता है।
इस दिन आश्रम में श्री गुरूदेव भगवान बाबा नीब करौरी जी महाराज के श्री चरणों में वन्दन एवं पूजन का उत्सव , प्रसाद वितरण एवं भण्डारा ।
6 दिसम्बर के पावन दिन श्री बाबा जी महाराज के श्री विग्रह की स्थापना विधि विधान एवं पूजन के साथ सम्पन्न हुई थी । सुन्दर कांड के पाठ के उपरान्त प्रसाद वितरण एवं भण्डारे का आयोजन होता है ।